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Monday, 20 July 2015

parliament braces for stormy monsoon session its bjp vs congress in house

मानसून सत्र आज से, कांग्रेस ने राज्यसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

संसद का मानसून सत्र मंगलवार से शुरू हो रहा है. ललित गेट और व्यापम घोटाले पर टकराव के बीच हंगामेदार सत्र की आशंका है. विपक्ष पर जवाबी हमले के लिए सरकार ने एनडीए को साथ रखने की रणनीति बनाई है और किसी का इस्तीफा लेने से इनकार कर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11:30 बजे लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू भी उनके साथ होंगे. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पार्टी सांसदों की बैठक लेंगी.

सोमवार दिन भर चली बैठकों में सरकार बचाव और 'काउंटर अटैक' की रणनीति बनाती रही. हालांकि कांग्रेस के पास सरकार को घेरने के लिए इस बार मुद्दों का अंबार है और वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी. ललित मोदी मामले पर चर्चा के लिए विपक्षी पार्टी ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दे दिया है.

कांग्रेस की दो टूक- इस्तीफा दो, सदन चलाओ
कांग्रेस ने अपने कड़े तेवर सोमवार को सर्वदलीय बैठक में ही दिखा दिए. कांग्रेस ने दो टूक कहा कि अगर संसद का सत्र चलाना है तो वसुंधरा से लेकर सुषमा तक से इस्तीफा लेना होगा. लेकिन सरकार ने यह मांग ठुकरा दी है. संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने साफ कहा कि कोई मंत्री या मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देगा.

सूत्रों की मानें तो सहयोगी दलों के साथ बैठक में बीजेपी ने तय किया है कि सत्र सुचारू रूप से चले, इसके लिए पहले विपक्ष को मनाने की कोश‍िश की जाएगी , अगर विपक्षी दल नहीं माने तो फिर आक्रामक रुख अपनाया जाएगा.

आडवाणी बैठक में शामिल नहीं हुए
सोमवार को हुई एनडीए की बैठक में बीजेपी और सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बैठक का हिस्सा नहीं बने. पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस मीटिंग में बीजेपी की तरफ से सिर्फ एनडीए के चेयरमैन और पार्टी अध्यक्ष शामिल हुए. आडवाणी इन दोनों ही पदों पर नहीं हैं इसलिए वे बैठक से दूर रहे.

अपने मंत्रियों से इस्तीफा नहीं लेगी बीजेपी
मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार में फंसे अपने मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग ठुकरा दी है. इसके साथ ही मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार बन गए हैं. सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के लिए विपक्षी पार्टियां विवादित भूमि अधिग्रहण विधेयक पर भी कोई समझौता न करने पर अड़ी हुई हैं, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सहमति बनाने का सोमवार को आह्वान किया.

इस्तीफे का सवाल नहीं: नायडू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने एक सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से कहा, इस्तीफे का सवाल ही नहीं पैदा होता. किसी ने भी कोई अवैध या अनैतिक काम नहीं किया है. उन्होंने यह भी कहा कि सुषमा स्वराज ललित मोदी के यात्रा दस्तावेजों के संबंध में आरोपों पर बयान देने को इच्छुक हैं.

कांग्रेस ने दिए हंगामे के संकेत
बैठक के दौरान, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे पर जोर दिया. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष, आजाद ने कहा कि उन्हें आशा है कि मोदी संसद सत्र के शुरू होने से पहले भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों के इस्तीफे की घोषणा करेंगे.

श‍िवसेना ने कहा- महामुकाबला होगा
शिवसेना ने सोमवार को ऐलान किया कि संसद का मानसून सत्र सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच ‘महा मुकाबला’ होगा . बीजेपी के शीर्ष नेताओं के इस्तीफे की मांग के खिलाफ शिवसेना बीजेपी के मजबूत समर्थन में आ गई है. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनका (बीजेपी नेताओं का) राजनीतिक चरित्र बेदाग है. राजनीति में कभी कभी आपको कुछ फैसले लेने पडते हैं लेकिन उनके खिलाफ हो हल्ला करना उचित नहीं है.

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